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Tuesday, February 15, 2011

सच है...

चेहरे के ऊपर चेहरे है
जो दिखता है, वही बिकता है
कैसे ना माने ये सच है?
जब शीशा भी झूट बोलता है..
जो मीठा है, वो कड़वा है
जो सच्चा है, वो लुटता है
जो काम करे, वो गधा है
जो 'जी हा' करे वो आगे बढे..
यहाँ बाजार रोज़ सजता है
दिल भी सस्ते में बिकता है
एक ले तो दूसरा मुफ्त
कभी-कभी तो एक के साथ चार भी चलता है
झूठी हसी हसते है
मनो षडयत्र रचते है
कैसे हम विश्वास कर ले
जब शीशा भी झूट बोलता है..
झूट बोला तो क्या गलत किया?
सच बोला तो क्या पा लिया ?
क्या सही और  क्या गलत ?
बस यही समझना बाकी है...
जहा खुलेगा वही धमाका
ऐसा ही होता है सच.....

Friday, February 11, 2011

बचपन

बचपन की वो यादे
कुछ खट्टी कुछ मीठी
वो एक रुपये का चटमोला
वो ऊच नीच का पापड़ा
कभी खिलोनो पर दिल आ जाना
तो कभी टॉफी के लिए रोना
माँ का वो रोज़ सुबह चिल्लाना
और हमारा पांच मिनट का वही बहाना
स्कूल जाते हुए टाइम-टेबल लगाना
फिर भी किताबे घर छोड़ चले आना
पेंसिल रोज़ खो कर स्कूल से आना
फिर घर आकर नयी कहानी सुनाना
छुटी के भी नए बहाने
कभी पेट दर्द तो कभी  बुखार का आना
जैसे भी हो आपनी बात मनवाना
गलियों में वो शोर मचाना
खेल खेल में लड़ना मनाना
समय की फिक्र ना होना
जब खेल में मन लग जाना
क्या  मजे के  थे वो दिन
कुछ खट्टे कुछ मीठे वो दिन.....

Sunday, January 2, 2011

छोटी सी जिंदगी ...


 जिंदगी ये छोटी सी
 इम्तिहानो की लड़ी सी,
 पल भर में सेलाब भी
 तो  खुशियों की टोली भी....
 चंचल ये हवा सी
 ठहरती ना कभी कही,
 चलती ये बिना रुके
 समय के साथ ही...
 हर दिन नए रंग में
 खेल ये अनेक रचे,
 जितना भी समझो इसे
 उतना ये डूबा ले चले...
 कोई कहे माया है, 
 कोई  कहे जाल  है,
 जरा सा तुम सभल  कर
 भाग दोड़ में जरा सा बचकर
 छोटी सी है ये  जिंदगी
 जी लेना बस इसे तुम खुलकर....







Friday, December 24, 2010

वहम...

पागलपन की बीमारी है मुझे
वहम है?
मुझे तो है..
चाँद पर घर बनाऊगी
आकाश में पंख लहराऊगी
वहम है?
मुझे तो है..
नाचूगी परियो संग
गाऊगी भवरो संग
वहम है?
मुझे तो है..
पैसो का पेड लगाऊगी
फिर ख़रीदारी करने  जाऊगी
वहम है?
मुझे तो है..
एक पल में जिन्दगी जी है 
अच्छी नोकरी है
लाखो में कमाती हूँ
वहम है?
मुझे तो है..
अच्छा चलिए
कुछ अच्छी सी बात करते है...
क्या आपने कभी सपने देखे है???
मैंने साकार किये है
वहम है? तो है..
मुझे तो है और अब आप मुझे टोकिये मत
निकाल लेने दीजिये अपने वहमो की पोटली को....




ये आदमी भी कितना अनोखा जीव है ?
कितना ?
तुम नहीं जानते ?
नहीं 
वहम है तुम्हारा 
हा है,लेकिन तुम हो कौन भाई ?
तुम नहीं जानते?
नहीं?
वहम हूँ तुम्हारा....

Thursday, December 2, 2010

Daring to dream

ILLUSION AND THE REALITY
Picture clicked at C.P.

It hurts most when you feel disillusioned
U cry, u scream, u shout
Try every possible way
To hold your shattered dreams
The dreams of your ambition
But when reality touches illusion
You wake up to the reality of the world
And your disillusionment snaps in no time
U feel helpless, disheartened
But that’s what makes you stronger
Everyone gives you hope, assurance
That makes you happy for a moment
But after a few seconds, u feel betrayed
No one can feel the same pain as u do
It’s just you who can translate your dreams in to reality.

Friday, August 28, 2009

धारा सा जीवन



समय है चलता जीवन को बदलता
छोटी थी जब नटखट थी में
सहेलियों के संग नाचती गाती
गुडियों के में ब्याह रचाती
हर जन्मदिन नयी जीद में करती
नये कपडे हर त्यौहार सिलवाती
जीद करके हमेशा अपनी बात मानवती
चाहे जैसे भी हो स्कूल की छुटी करवाती
मन ना करता पड़ने का मेरा
ब़स सपनो की दुनिया में जीती 
फिर नदी सा चलता ये जीवन
इस मोड़ पर ले आया मुझे
आज बड़ी हुई तो लगता है मुझे
काश समय को थाम में पाऊ
पर धारा है ये जीवन
ना जाने कहा ले जाएगा
एक दिन फिर ऐसा आयेगा
जब याद करुगी इन पलों को भी में
और समय फ़िर आगे ओर निकल जयेगा .....